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शिवहरि दीक्षित/हरदोई. हरदोई शहर खानपान के लिए मशहूर है, यहां की मिठाई को लोगों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. हरदोई में एक मिठाई की दुकान है जो कि असर्फी लाल की मिठाई की दुकान के नाम से फेमस है. यह दुकान 100 वर्षों से भी ज्यादा पुरानी है. इस दुकान पर मिलने वाले खोए के पेड़े काफी खास हैं ब्रिटिश काल के दौरान अंग्रेज अधिकारी इस दुकान के पेड़ों के स्वाद के मुरीद हुआ करते थे, आज भी इस दुकान के पेड़े हरदोई या फिर अन्य जनपद राज्य ही नहीं देश विदेश में भी लोग स्वाद के दीवाने बने हुए हैं.
हरदोई में एक ब्रिटिश काल मे खुली मिठाई की दुकान है. जहां के संचालक मनीष कुमार गुप्ता बताते हैं कि इस दुकान की शुरुआत उनके बाबा असर्फी लाल के द्वारा 100 वर्ष से भी पहले की गई थी. तब देश में ब्रिटिश शासन लागू था, वह बताते हैं कि ब्रिटिश काल से ही इस दुकान के खोए के पेड़े काफी मशहूर थे यहां पर आने वाले ग्राहकों में बिटिश अंग्रेज अधिकारी भी हुआ करते थे.
देश विदेश में भी हैं स्वाद के दीवाने
100 वर्षों से भी ज्यादा पुरानी मिठाई की दुकान चलाने वाले मनीष गुप्ता बताते हैं कि इनकी दुकान के पेड़ों का स्वाद लेने वाले हरदोई ही नहीं अमेरिका, पाकिस्तान और सऊदी जैसे देशों के लोग भी शामिल हैं. वह बताते हैं कि जो भी यहां के लोग हैं और उनके रिश्तेदार अगर किसी दूसरे देश मे हैं तो वह इन पेड़ों को उनके लिए पैक करवाकर जरूर ले जाते हैं. जिन्हें वहां के लोग खूब पसंद करते हैं. साथ ही ब्रिटिश काल मे जब इनके बाबा असर्फी लाल इस दुकान को चलाते थे तो अंग्रेज अधिकारी इनके पेड़े खाते थे साथ ही पैक भी करवाकर ले जाते थे.
यहां है दुकान और इतनी है कीमत
हरदोई के सांडी कस्बा में 100 वर्षों से भी ज्यादा पुरानी दुकान है जो कि बाबा असर्फी लाल की मिठाई की दुकान के नाम से फेमस है. यहां पर सबसे खास खोए के पेड़े ही मिलते हैं. जिनकी 100 वर्ष पहले कीमत 2 रुपये और 4 रुपये शेर हुआ करती थी और आज के समय मे इनकी कीमत जो कि दो तरह के पेड़े हैं जिनमे छोटा पेड़ा 320 रुपए किलो और बड़ा पेड़ा 360 रुपए किलो मिलता है.
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Tags: Food, Food 18, Hindi news, Local18
FIRST PUBLISHED : October 27, 2023, 08:23 IST
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