Home Tech & Gadget Google, Microsoft और Apple के CEO से मिले PM Modi, प्लान जानकर हो जाएंगे हैरान

Google, Microsoft और Apple के CEO से मिले PM Modi, प्लान जानकर हो जाएंगे हैरान

0
Google, Microsoft और Apple के CEO से मिले PM Modi, प्लान जानकर हो जाएंगे हैरान

[ad_1]

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन और फर्स्ट लेडी जिल बिडेन ने अपनी चल रही अमेरिकी यात्रा के दौरान, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के सम्मान में व्हाइट हाउस में एक राजकीय डिनर आयोजित किया। इस डिनर पर गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई, माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला, एप्पल के सीईओ टिम कुक, उद्योगपति मुकेश अंबानी और कई अन्य टेक सीईओ के नाम लिस्ट में शामिल थे।ऊपर बताए गए नामों के अलावा, स्टेट डिनर में ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन, उद्योगपति आनंद महिंद्रा, एडोब के सीईओ शांतनु नारायण, पेप्सिको की पूर्व सीईओ इंद्रा नूई, जेरोधा के सीईओ निखिल कामथ, नेटफ्लिक्स की चीफ कंटेंट ऑफिसर बेला बजरिया और अन्य लोग भी शामिल हुए।

इस डिनर में पीएम मोदी ने भारतीय अमेरिकियों की भूमिका को लेकर प्रशंसा की और जिस देश में वो रह रहे हैं उसकी प्रगति के लिए योगदान को भी सराहा। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि भारत-यूएस के सम्बन्धों को मजबूत करने के लिए भी इनका योगदान महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, यहां आए मेहमान “अमेरिका-भारत संबंधों – हमारी ऊर्जा और क्षमता का प्रतीक हैं।”

अपनी यूएस की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई अमेरिकन सीईओ से भी मिले और उन्हें भारत में निवेश करने के लिए कहा। इससे पहले पीएम मोदी टेस्ला सीईओ एलन मस्क से भी मिले थे और भारत में निवेश को लेकर बात की थी।

माइक्रोन टेक्नोलॉजी के सीईओ संजय मेहरोत्रा ने पीएम मोदी से मिलने के बाद कहा कि वो भारत में बड़े अवसर देख रहे हैं। बता दें, माइक्रोन मेमोरी और स्टोरेज में ग्लोबल लीडर हैं। ये डाटा सेंटर, स्मार्टफोन, पीसी के लिए मेमोरी और सोतरागे उपलब्ध करवाते हैं।

दुनिया का सबसे पतला 15 इंच MacBook Air

पीएम मोदी की इन सभी मुलाकातों से यह उम्मीद या अनुमान लगाया जा सकता है कि टेक के क्षेत्र में भारत में जल्दी काफी बड़े निवेश की तैयारी की जा रही है। आने वाले समय में टेक्नोलॉजी कंपनियों का मुख्य गढ़ भारत बना तो इसमें कोई हैरानी की बात नहीं होगी। पीएम मोदी यह सुनिश्चित करते हुए नजर आ रहे हैं कि ज्यादा से ज्यादा बड़े बिजनेस भारत आए और भारत में निवेश करें। इससे ना सिर्फ देश की अर्थव्यवस्था में मदद मिलेगी बल्कि भारत में रोजगार और अवसर के दरवाजे भी एक नए स्तर पर खुल खाएंगे।

[ad_2]

Source link