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ऊं जगत का आधार है। परम सत्य भी है। माना जाता है कि ऊं में सबकुछ है। मेरठ के चित्रकार जसवन्त सिंह माथुरी भी ऊं में ऐसे रमे कि उन्होनें इस शब्द में भगवान श्रीराम उकेर दिए।
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