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यूक्रेन के वित्त मंत्रालय ने 22 मार्च को कहा कि प्रोग्राम ‘यूक्रेन के अंतरराष्ट्रीय भागीदारों से फंडिंग को जुटाने में मदद करेगा। साथ ही मैक्रो-फाइनेंशियल स्थिरता बनाए रखने और युद्ध के बाद पुनर्निर्माण का मार्ग सुनिश्चित करेगा।’ हाल ही में आईएमएफ श्रीलंका और बांग्लादेश को कर्ज देने पर राजी हो गया है। वहीं सबसे गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए आईएमएफ की शर्तें बढ़ती जा रही हैं।
यूक्रेन की कैसे मदद करेगा आईएमएफ?
आईएमएफ ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि यूक्रेन के साथ लोन प्रोग्राम चार साल तक रहेगा, जिसमें पहले 12 से 18 महीनों में यूक्रेन को अपने भारी बजट घाटे की भरपाई में मदद करने और केंद्रीय बैंक में पैसों की छपाई के माध्यम से खर्च के दबाव को कम करने पर ध्यान दिया जाएगा। कार्यक्रम का बचा हुआ हिस्सा यूक्रेन की यूरोपीय संघ की सदस्यता और युद्ध के बाद के पुनर्निर्माण के समर्थन पर केंद्रित होगा।
आईएमएफ डील कई मायनों में फायदेमंद
आईएमएफ के साथ डील साइन करने से यूक्रेन को और भी अधिक पैसे मिल सकते हैं क्योंकि यह जी-7 समूह और यूरोपीय संघ सहित संभावित कर्जदाता सरकारों के लिए इस बात का सबूत है कि यूक्रेन की सरकार अच्छी आर्थिक नीतियों का पालन कर रही है। पिछले साल शुरू हुए रूसी हमले के बाद यूक्रेन ने सैन्य खर्च में बड़े पैमाने पर वृद्धि की है। साल 2022 में यूक्रेन की अर्थव्यवस्था 30 प्रतिशत सिकुड़ गई है जिससे टैक्स राजस्व प्रभावित हुआ है।
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