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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने गुरुवार को कहा कि 2019 एमबीबीएस ( MBBS ) वाला बैच नेशनल एग्जिट टेस्ट (नेक्स्ट- NEXT ) के तहत नहीं आएगा और यह अगले बैच (2020) से लागू होगा। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायपुर में एक क्रिटिकल केयर यूनिट की आधारशिला रखने के बाद छात्रों के साथ बातचीत करते हुए केंद्रीय मंत्री मांडविया ने कहा कि केंद्र और राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) ऐसा कोई निर्णय नहीं लेंगे जिससे छात्रों में भ्रम पैदा हो। नेक्स्ट परीक्षा के बारे में एक छात्र के सवाल का जवाब देते हुए मांडविया ने कहा, ‘किसी भी छात्र को किसी भी तनाव से गुजरने की आवश्यकता नहीं है। मैं 2019 बैच को नेक्स्ट के अंतर्गत नहीं ला रहा हूं। मैं 2020 बैच को इसके अंतर्गत लाऊंगा। नेक्स्ट इस वर्ष आयोजित नहीं किया जाएगा।’
मंत्री ने कहा, ‘दूसरी बात यह है कि मैं फाइनल एग्जाम को नेक्स्ट नहीं मानूंगा। डिग्री दीजिए लेकिन डिग्री देने के बाद रजिस्ट्रेशन तभी होगा जब आप नेक्स्ट पास कर लेंगे। इसका मतलब है कि नेक्स्ट, नीट के बराबर है।’ उन्होंने कहा, ‘हम इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। छात्रों को कोई तनाव नहीं लेना चाहिए। सरकार और एनएमसी ऐसा कोई निर्णय नहीं लेंगे जिससे छात्रों में भ्रम पैदा हो।’
छात्रों के साथ संवाद कार्यक्रम में उन्होंने नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर पनप रही आशंकाओं का जवाब देते हुए कहा कि मंत्रालय का प्रयास है कि छात्रों को प्रतस्पिर्द्धी माहौल प्रदान किया जा सके जिससे वे देश के साथ विदेश में भी अपने सेवाएं प्रदान कर सकें। उन्होंने कहा कि आठ साल में मंत्रालय ने चिकत्सिा शक्षिा की सीट दो गुना कर दी हैं। अगले तीन वर्ष में स्नातक के अनुरूप परा-स्नातक की सीट कर दी जाएंगी। 157 नए नर्सिंग कॉलेज खोलने की अनुमति प्रदान की गई है। इसके साथ ही नर्सिंग छात्रों के पाठ्यक्रम में विदेशी भाषाएं भी सम्मिलित करने की योजना है।
आपको बता दें कि अब एनएमसी कानून के अनुसार नेक्स्ट परीक्षा ही अब एमबीबीएस फाइनल ईयर की परीक्षा होगी। एमबीबीएस फाइनल ईयर के छात्रों को अंतिम वर्ष की परीक्षा की जगह नेक्स्ट परीक्षा में बैठना होगा। इसी के जरिए उन्हें डॉक्टरी करने का लाइसेंस मिलेगा। एमडी, एमएस जैसे मेडिकल पोस्ट ग्रेजुएट कोर्सेस में एडमिशन भी नेक्स्ट परीक्षा में प्रदर्शन के आधार पर मिलेगा। विदेश से एमबीबीएस करके आए स्टूडेंट्स को भारत में डॉक्टरी का लाइसेंस हासिल करने के लिए अभी तक एफएमजीई की परीक्षा देनी होती थी, लेकिन अब उन्हें नेक्स्ट एग्जाम में बैठना होगा। यानी एफएमजीई, नीट पीजी और एमबीबीएस फाइनल ईयर एग्जाम की जगह एक कॉमन परीक्षा नेक्स्ट होगी।
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गौरतलब है कि 2019 बैच के मेडिकल छात्र नेक्स्ट परीक्षा को लेकर लगातार विरोध दर्ज करवा रहे थे। सोशल मीडिया पर नो नेक्स्ट एग्जाम-2019 का अभियान चलाया जा रहा था। उनका कहना था कि नियम बदल देने से उनके समक्ष नयी चुनौती सामने आ गयी है। उन्हें इसके लिए पढ़ने का बिल्कुल समय नहीं मिलेगा। साथ ही जिन विषयों की परीक्षा पास कर चुके उन्हें फिर से देनी होगी।
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