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मोहन ढाकले/बुरहानपुर. क्या आप जानते हैं कि मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में भारत की सबसे बड़ी रोटी बनाई जाती है. यहां बनने वाली रोटी का आकार देख कर आप हैरत में पड़ जाएंगे. बुरहानपुर के इकबाल चौक क्षेत्र में चूल्हे पर टू बाई टू की रोटियां बनाई जाती हैं. स्वाद में लज़ीज होने के कारण यह लोगों को बहुत पसंद आती है. दुकान खुलते ही इसको खरीदने के लिए लोगों की भीड़ लगना शुरू हो जाती है. दुकानदार के द्वारा सुबह से देर रात तक एक क्विंटल आटे की विशाल, लेकिन पतली-पतली रोटियां बना कर बेची जाती हैं.
दुकान के मालिक शौकत खान ने बताया कि बड़े साइज की इस रोटी को चूल्हे पर बनाया जाता है. इसका आकार 2 बाई 2 का होता है. इस रोटी को चार लोग खा सकते हैं. इसे मांडा रोटी या कहीं कहीं रूमाली रोटी भी कहा जाता है. एक रोटी की कीमत 20 रुपये है.
इतिहासकारों का कहना है कि मांडा रोटी चूल्हे पर मुगलकाल से बनाई जा रही है. अनुमान लगाया जाता है कि पहले समय की बचत करने के लिए इस तरह की बड़ी रोटियां बनाई जाती थी. ताकि एक रोटी में चार लोग खा सकें. तब से यह रोटी आज तक यहां बनती आ रही है. इस रोटी को लोग काफी पसंद करते हैं.
देश की है यह सबसे बड़ी रोटी
चूल्हे पर बनने वाली इस रोटी के आकार को देखते हुए इसे भारत की सबसे बड़ी रोटी भी कहा जाता है. आम तौर पर घर में बनाई चार रोटियों को एक व्यक्ति खाता है, लेकिन मांडा रोटी इतनी बड़ी होती है कि इसे चार लोग मिल कर खा सकते हैं. मांडा रोटी मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात के लोगों की पहली पसंद है. स्थानीय लोगों के अलावा बाहर से बुरहानपुर आने वाले लोग भी इस रोटी को बहुत पसंद करते हैं. सुबह और शाम के भोजन में मांडा रोटी को प्राथमिकता दी जाती है.
इसको बनाने वाले कारीगर रजनीकांत स्टाइल में ऊपर उछाल-उछाल कर चूल्हे पर सेकते हैं. मांडा रोटी को बेलन से नहीं, बल्कि हाथों पर फिरा-फिरा कर ही बनाया जाता है. यह रोटी मैदा और गेहूं के आटे से मिला कर बनाई जाती है. इकबाल चौक बाजार में लगभग 20 दुकानें लगती है, जिनमें यह दो बाई दो विशालकाय रोटी बनाई जाती है.
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Tags: Bread, Food 18, Local18, Mp news
FIRST PUBLISHED : June 25, 2023, 14:54 IST
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