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बॉर्डर के एकदम करीब
चिन नेशनल आर्मी की तरफ से बताया गया है कि हमले अंतरराष्ट्रीय सीमा रेखा के एकदम करीब थे। संगठन ने कहा है कि इन हमलों को मिजोरम-म्यांमार बॉर्डर पर बहने वाली तियाउ नदी के करीब हुए हैं लेकिन म्यांमार की तरफ। मिजोरम के गांवों खॉबुंग और फरकॉन तक धमाकों की आवाज सुनी गई थी। यह दोनों गांव बॉर्डर पर ही हैं। धमाके भारतीय समयानुसार करीब 3 बजकर 33 मिनट पर हुए हैं। गांववालों ने बताया है कि ब्लास्ट्स की वजह से उनके घरों की दिवारें तक हिल गईं।
पांच बमों से हमला
विक्टोरिया कैंप के कमांडर की तरफ से जानकारी दी गई है कि जेट्स ने पांच बम कैंप के अंदर गिराए हैं। उन्होंने उन फैमिली क्वार्ट्स को निशाना बनाया है जहां पर संगठन के स्थानीय सशस्त्र सदस्य रहते हैं और उन्हें ट्रेनिंग दी जाती है। सीएनए को मिली इंटेलीजेंस के आधार पर को मिली सुरक्षा बढ़ा दी गई है। संगठन को और हमलों की आशंका है।
कितना लंबा है बॉर्डर
भारत का उत्तर-पूर्वी राज्य म्यांमार के साथ 1624 किलोमीटर लंबा बॉर्डर साझा करता है। ये धमाके ऐसे समय में हुए हैं जब पिछले दिनों भारत की तरफ से म्यांमार बॉर्डर की सुरक्षा को और बढ़ाने का काम शुरू किया गया है। फरवरी 2021 में म्यांमार में तख्तापलट कर सत्ता हथियाने चाली सेना पर कई आरोप लगे हैं। कैंप विक्टोरिया में जिस सीएनए को निशाना बनया गया है वह पीपुल्स डिफेंस फोर्स (PDF) के बैनर तले काम करता है। इसका ट्रेनिंग कैंप मिजोरम से बस कुछ ही दूरी पर है।
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