[ad_1]
ऐप पर पढ़ें
UPSC IAS Interview : यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा का इंटरव्यू असल में इंटरव्यू कम एक चर्चा ज्यादा होता है। इंटरव्यू बोर्ड 20 मिनट से आधे घंटे की अवधि के दौरान विभिन्न मामलों पर उम्मीदवार के विचार जानने की कोशिश करता है। बोर्ड उससे कई सवाल पूछता है और जॉब के लिए उसका एप्टीयूड जांचता है। आमतौर पर यूपीएससी बोर्ड के सदस्य डीएएफ (डैफ) में से ही अधिकतर प्रश्न बनाते हैं। डैफ में उम्मीदवार की हॉबी, कहां का वह रहने वाला है, उसकी पढ़ाई-लिखाई, काम का अनुभव आदि की जानकारियां होती हैं। हालांकि यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के इंटरव्यू के दौरान पैनालिस्ट ऐसे प्रश्न भी पूछ लेते हैं जो काफी हटकर होते हैं। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2022 में अपने पहले प्रयास में 171वीं रैंक लाने वाले दिल्ली के आयुष गोयल का इंटरव्यू करीब 26 मिनट तक चला था। 23 साल के आयुष की स्कूलिंग दिल्ली सरकार के राजकीय प्रतिभा विकास विद्यालय से हुई है। इसके बाद उन्होंने डीयू से बीए इकोनॉमिक्स ऑनर्स और आईआईएम से एमबीए किया। काम में मन नहीं लगा तो 28 लाख के पैकेज की जॉब छोड़कर सिविल सर्विसेज की तैयारी करने लगे।
अपने इंटरव्यू के बारे में आयुष ने बताया, ‘मेरा प्रीति सूदन मैम का बोर्ड था। इंटरव्यू में मुझे 182 नंबर नंबर मिले हैं। मेरा इंटरव्यू 80 फीसदी डैफ बेस्ड था। मुझसे पूछा गया कि मैंने पहले ही उपलब्धि (IIM) हासिल की है तो क्या आईएएस की जॉब मुझे सैटिसफाई कर पाएगी। मैंने उत्तर दिया कि हां बिल्कुल कर पाएगी। मैं एजुकेशन क्षेत्र में काम करना चाहता हूं। मैंने स्कूल की एलुम्नाई एसोसिएशन बनाई है। इससे मेरे सरकारी स्कूल के उन बच्चों को काफी मदद मिलती है जिन्हें करियर मार्गदर्शन नहीं मिल पाता। सरकार स्कूल के बच्चे मेहनती तो होते हैं लेकिन पता नहीं होता कि वह अपने लक्ष्य तक कैसे पहुंचें। एलुम्नाई एसोसिएशन में हम स्कूल से निकले करियर में अच्छी जगह पहुंचे लोगों से कॉन्टेक्ट करते थे। उन्हें 10वीं 11वीं 12वीं के विद्यार्थियों को मिलवाते थे।’
CSAT की कटऑफ कम करने पर होगी सुनवाई
आयुष ने कहा, ‘फिर मुझसे पूछा गया कि मेरे पास यह सब करने का टाइम कहां से आता था। तो मैंने उत्तर दिया कि कि मैंने स्ट्रक्चरअल ऑर्गेनाइजेशन बनाया था। एक पैनालिस्ट ने स्ट्रक्चरअल वर्ड की तारीफ की। उन्होंने कहा कि उन्हें स्ट्रक्चरअल वर्ड पसंद आया है। हम कोई चैरिटी नहीं कर रहे। ऑर्गेनाइजेशन बना रहे हैं। एक आईएएस अफसर का काम यही होता है। इसके अलावा मुझसे यूएस चाइना ट्रेड वार और अडानी हिंडनबर्ग रिपोर्ट पर भी सवाल पूछे गए।’
इंटरव्यू बोर्ड के एक पैनालिस्ट ने मुझसे पूछा, ‘एमबीए के बाद नौकरी की। आईएएस ही करना था तो दो साल क्यों एमबीए में बर्बाद किए। हंसराज से ग्रेजुएशन के बाद सीधा यूपीएससी में क्यों नहीं आए। MBA की कौन सी स्किल IAS बनकर इस्तेमाल करोगे। उत्तर में मैंने कहा लीडरशिप, मैनेजमेंट स्किल इस्तेमाल कर सकता हूं। फिर उन्होंने लीडरशिप पर भी सवाल किया।’
हॉबीज पर सवाल
आयुष ने कहा, ‘मैंने डैफ में अपनी हॉबी डाली थी – रीडिंग बायोग्राफीज। मेंटरिग गवर्नमेंट स्कूल स्टूडेंट्स। दोनों से जुड़े सवालों के लिए मैं तैयार था। मुझसे पूछा गया कि किससे प्रेरित हूं, किसकी बायोग्राफी पढ़ी है। मैंने एपीजे अब्दुल कलाम का नाम लिया। उन्होंने कहा कि अब्दुल कलाम ही क्यों। रतन टाटा क्यों नहीं, वो भी तो आदर्श हो सकते हैं। पब्लिक सर्वेंट ही क्यों बिजनेसमैन क्यों नहीं। मैंने कहा कि मुझे अब्दुल कलाम की जीवन ने काफी प्रेरित किया है।’
जिसका उत्तर नहीं दे पाए
आयुष ने बताया कि दो तीन सवाल का उत्तर वह नहीं दे पाए थे। उन्होंने कहा, ‘मुझसे पूछा गया कि स्टॉक मार्केट में सर्किट ब्रेकर क्या होते हैं। इसका उत्तर मैंने बता दिया। फिर बोले इसका क्या क्राइटेरिया होता है? इतनी डीप नॉलेज मुझे नहीं थी। एक मुझसे पूछा गया कि कैसी कैसी लीडरशिप स्टाइल होते हैं। मैंने बता दिया। फिर लास्ट में बोले कि क्या वाकई होते भी हैं। वे देखना चाहते थे कि मैं अपने स्टैंड पर स्टे करता हूं या पलट जाता हूं। मैंने कहा कि मेरा मानना है कि होते हैं। फिर भी मैं रिलेटेड सोर्सेज से चेक जरूर करूंगा।’
[ad_2]
Source link