Home Health World Parkinson’s Day: कम उम्र के पुरुषों को भी पार्किंसन डिजीज का खतरा? 5 लक्षणों से वक्त रहते करें पहचान

World Parkinson’s Day: कम उम्र के पुरुषों को भी पार्किंसन डिजीज का खतरा? 5 लक्षणों से वक्त रहते करें पहचान

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World Parkinson’s Day: कम उम्र के पुरुषों को भी पार्किंसन डिजीज का खतरा? 5 लक्षणों से वक्त रहते करें पहचान

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हाइलाइट्स

पार्किंसन से पीड़ित लोगों को डिप्रेशन की समस्या हो सकती है.
यह बीमारी 50 साल से कम उम्र के लोगों को भी हो सकती है.

World Parkinson’s Day 2023 Significance: पार्किंसन एक ब्रेन डिसऑर्डर होता है, जिसमें लोगों के शरीर में अनचाहे मूवमेंट्स होने लगते हैं. इस बीमारी से पीड़ित लोगों को चलने फिरने में परेशानी होती है और उनका बैलेंस बिगड़ने लगता है. वह किसी से सही तरीके से बात भी नहीं कर पाते और मानसिक व व्यावहारिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है. ऐसे लोगों को मेमोरी लॉस और डिप्रेशन की समस्या भी हो जाती है. इस बीमारी के बारे में जागरूक करने के लिए हर साल 11 अप्रैल को ‘विश्व पार्किंसन दिवस’ (World Parkinson’s Day) मनाया जाता है. तमाम लोगों को लगता है कि पार्किंसन बुजुर्गों वाली बीमारी है, लेकिन यह बीमारी युवाओं को भी हो सकती है. आज इस बीमारी से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें जानते हैं.

हेल्थलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक पार्किंसन सेंट्रल नर्वस सिस्टम की एक प्रोग्रेसिव डिजीज होती है. इससे ब्रेन के कुछ एरिया की सेल्स डैमेज होना शुरू हो जाती हैं, जो डोपामाइन नामक हॉर्मोन बनाती हैं. वैसे तो यह बीमारी ज्यादातर लोगों को 60 साल के बाद प्रभावित करती है, लेकिन 5 से 10% मामलों में लोग 50 साल की उम्र से पहले इस बीमारी की चपेट में आ जाते हैं. एक अनुमान के मुताबिक अमेरिका में करीब 4% लोग 50 साल की उम्र से पहले ही इसका शिकार हो जाते हैं. आमतौर पर पार्किंसन डिजीज जेनेटिक होती है और इसके सटीक कारणों का पता नहीं लग सका है. पुरुषों को महिलाओं की अपेक्षा पार्किंसन डिजीज का खतरा ज्यादा होता है. यह जीन में बदलाव की वजह से हो सकता है.

पार्किंसन डिजीज के 5 लक्षण

– स्वाद न आना
– कॉन्स्टिपेशन
– मूड डिसऑर्डर
– बिहेवियर डिसऑर्डर
– ब्लड प्रेशर लो होना

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इन संकेतों को भी न करें इग्नोर

सोने में दिक्कत, ब्लैडर में परेशानी, यौन संबंध बनाने में परेशानी, लार ज्यादा निकलना, वजन में बदलाव, विजन में परेशानी होना, अत्यधिक थकान और चीजों को याद रखने में परेशानी होना भी पार्किंसन डिजीज के संकेत हो सकते हैं. इसके अलावा अगर आप रेस्ट की पोजीशन में बैठे हैं और फिर भी आपके शरीर में मूवमेंट हो रहा है या बैलेंस बनाने में दिक्कत आ रही है, तो इन चीजों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए. जितनी जल्दी आप डॉक्टर से मिलेंगे उतना लंबे समय तक आप पार्किंसन डिजीज को बढ़ने से रोक सकेंगे.

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